सराधूनवांगांव गौठान में गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण इकाई स्थापित, जल्दी शुरू होगा उत्पादन

उत्तर बस्तर कांकेर 22 सितम्बर 2022 :- गोधन न्याय योजनान्तर्गत बस्तर संभाग में सबसे पहले कांकेर जिले में 26 लाख 60 हजार रूपये की लागत से चारामा विकासखण्ड के सराधूनवागांव गौठान में प्राकृतिक पेंट निर्माण इकाई की स्थापना की गई है, जिसके लिये आवश्यक सभी मशीनों को क्रय कर गौठान में इन्फ्रास्ट्रक्चर में तैयार कर लिया गया है तथा शीघ्र अतिशीघ्र गोबर की सहायता से प्राकृतिक पेंट के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जायेगा। प्राकृतिक पेंट के निर्माण के संबंध में जिले के तीन अधिकारियों को जयपुर राजस्थान से प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। उक्त अधिकारियों द्वारा प्राकृतिक पेंट निर्माण के लिए महिला स्व-सहायता समूह का चयन कर उन्हें भी प्राकृतिक पेंट निर्माण की सभी बारीकियों को समझाया गया है। प्राकृतिक पेंट इकाई की स्थापना से अब सराधूनवागांव गौठान ग्रामीणों के लिये रोजगार एवं आर्थिक आय का केन्द्र बनने जा रहा है। गौठान से जुड़ी दिव्य ज्योति महिला स्व-सहायता समूह की महिलायें गोबर से प्राकृतिक पेंट व पुट्टी बनाने के लिये बहुत उत्साहित है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए उप संचालक कृशि कार्यालय कांकेर के अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक पेंट का उपयोग शासकीय भवनों, घरों में पुताई एवं पुट्टी के लिए किया जायेगा। गौठान समूह, गौठान समिति एवं पेंट निर्माण इकाई से जुड़े अधिकारी, कर्मचारियों से चर्चा कर गोबर से तैयार होने वाले प्राकृतिक पेंट की कीमत 230 से 250 रूपये प्रति लीटर प्रस्तावित की गई है, जो कि मार्केट में बिकने वाले महंगे मल्टिनेशनल कम्पनियों के पेंट के मूल्य से आधी है। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल के द्वारा प्राकृतिक पेंट इकाई की स्थापना की लगातार समीक्षा किया जा रहा है एवं इसके सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।उत्तर बस्तर कांकेर 22 सितम्बर 2022 :- गोधन न्याय योजनान्तर्गत बस्तर संभाग में सबसे पहले कांकेर जिले में 26 लाख 60 हजार रूपये की लागत से चारामा विकासखण्ड के सराधूनवागांव गौठान में प्राकृतिक पेंट निर्माण इकाई की स्थापना की गई है, जिसके लिये आवश्यक सभी मशीनों को क्रय कर गौठान में इन्फ्रास्ट्रक्चर में तैयार कर लिया गया है तथा शीघ्र अतिशीघ्र गोबर की सहायता से प्राकृतिक पेंट के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जायेगा। प्राकृतिक पेंट के निर्माण के संबंध में जिले के तीन अधिकारियों को जयपुर राजस्थान से प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। उक्त अधिकारियों द्वारा प्राकृतिक पेंट निर्माण के लिए महिला स्व-सहायता समूह का चयन कर उन्हें भी प्राकृतिक पेंट निर्माण की सभी बारीकियों को समझाया गया है। प्राकृतिक पेंट इकाई की स्थापना से अब सराधूनवागांव गौठान ग्रामीणों के लिये रोजगार एवं आर्थिक आय का केन्द्र बनने जा रहा है। गौठान से जुड़ी दिव्य ज्योति महिला स्व-सहायता समूह की महिलायें गोबर से प्राकृतिक पेंट व पुट्टी बनाने के लिये बहुत उत्साहित है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए उप संचालक कृशि कार्यालय कांकेर के अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक पेंट का उपयोग शासकीय भवनों, घरों में पुताई एवं पुट्टी के लिए किया जायेगा। गौठान समूह, गौठान समिति एवं पेंट निर्माण इकाई से जुड़े अधिकारी, कर्मचारियों से चर्चा कर गोबर से तैयार होने वाले प्राकृतिक पेंट की कीमत 230 से 250 रूपये प्रति लीटर प्रस्तावित की गई है, जो कि मार्केट में बिकने वाले महंगे मल्टिनेशनल कम्पनियों के पेंट के मूल्य से आधी है। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल के द्वारा प्राकृतिक पेंट इकाई की स्थापना की लगातार समीक्षा किया जा रहा है एवं इसके सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।