राजू श्रीवास्तव का निधन: हार्ट अटैक के बाद 42 दिन से चल रहा था इलाज, एक बड़े हिस्से में था 100% ब्लॉकेज

श्रद्धांजलि: नहीं रहे गजोधर भैया: 41 दिन मौत से जंग लड़ने के बाद ली आखिरी सांस

मशहूर कॉमेडियन और गजोधर भैया के नाम से अपने चाहने वालों के बीच पहचान रखने वाले राजू श्रीवास्तव आखिरकार अलविदा कहकर दुनिया से रुखसत कर गए। सूत्रों के मुताबिक एम्स में 41 दिनों तक डीप कोमा में रहने वाले राजू श्रीवास्तव ने आज सुबह आखिरी सांस ली।

10 अगस्त को जेपी नड्डा और अमित शाह के मिलने के लिए दिल्ली पहुंचे थे राजू श्रीवास्तव

सूत्रों के मुताबिक 10 अगस्त को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए राजू श्रीवास्तव दिल्ली पहुंचे हुए थे। मुलाकात का समय तय हो गया था इस बीच 11 अगस्त को जिम में वर्कआउट करते समय उन्हें अटैक आया डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी की लेकिन उनका ब्रेन रिस्पांस नहीं कर रहा था और वह गहरे कोमा में चले गए। 41 दिन तक कोमा में रहने के बाद आज उन्होंने आखिरी सांस ली।

कई फिल्मों टीवी सीरियल और शो में हिस्सा लिया

राजू श्रीवास्तव अपनी ठेठ देहाती कॉमेडी के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध थे। उन्होंने बिग बॉस जैसे मशहूर शो में भागीदारी की जबकि तेजाब जैसी फिल्मों में भी अनिल कपूर के साथ काम किया। राजू श्रीवास्तव ने अपनी शानदार मिमिक्री और कॉमेडी से जिन लोगों को हंसाया था आज वह सब उनके न रहने पर आंसू बहा रहे हैं।

आइये जानते हैं, राजू की कॉमेडी के 5 सबसे चर्चित डायलॉग:

नाई के नाम ने राजू को कॉमेडी किंग बनाया, लोवर बर्थ और लालू की मिमिक्री से बनाई पहचान

राजू श्रीवास्तव...नाम सुनते ही चेहरे पर मुस्कान खिल उठती है। दिमाग में गजोधर, संकठा, बैजनाथ और पुत्तन जैसे नाम घूम जाते हैं। राजू ने इन नामों का अपनी कॉमेडी में इतना प्रयोग किया कि यह नाम देशव्यापी हो गए। गजोधर तो इतना पॉपुलर हुआ, खुद राजू श्रीवास्तव का नाम पड़ गया।

आज हम राजू श्रीवास्तव के उन 5 चर्चित कॉमेडी डायलॉग को जानेंगे जिसने उन्हें शिखर पर पहुंचा दिया, लेकिन इसके पहले हम उनके उपनाम गजोधर भइया की कहानी जान लेते हैं।

सीने पर गिटार बनवाए थे गजोधर भइया
राजू श्रीवास्तव के मामा का घर उन्नाव के बीघापुर गांव में है। राजू बताते हैं, ?बचपन में जब हम मामा के घर जाते थे उस वक्त वहां बाल काटने के लिए एक नई आते थे। उनका नाम गजोधर था। हमेशा मजे लेते रहते थे। सीने पर गिटार का टैटू बनवाया था। कहते थे कि जब खुजली करता हूं तब ये बजता है। वह इतने मजाकिया थे कि उनका नाम मेरी जुबान पर चढ़ गया।?

द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज शो के पहले सीजन के फाइनल तक पहुंचे थे राजू। ये तस्वीर उसी शो के दौरान की है।
राजू ने कॉमेडी की शुरुआत टीवी शो टी टाइम मनोरंजन से की। यहां वह सुरेश मैनन और ब्रजेश हारजी के साथ नजर आते थे। 3 जून 2005 को जब द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज शुरू हुआ तो राजू की किस्मत एकबारगी पलट गई। यहां गजोधर बनकर उन्होंने सबका दिल जीत लिया।

आइये अब उनके 5 बेहतरीन डायलॉग्स पर चलते हैं?

डायलॉग 1: जब स्टेशन पर पहुंचे थे गजोधर
राजू की कॉमेडी का एक बड़ा हिस्सा रेलवे स्टेशन के आसपास का रहा है। ?ऐ यादव, संकठा, गजोधर, बिरजू, ई ट्रेन अपना छूटा या बाजू वाला? इतना ज्यादा पॉपुलर हुआ कि आज भी इस पर सबसे ज्यादा मीम्स बनते हैं। राजू की आवाज के साथ शॉर्ट वीडियो बनाए जा रहे हैं।

डायलॉग 2: लोवर बर्थ के टिकट के लिए मारामारी
द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज के मंच पर राजू ने लोवर बर्थ को लेकर धाकड़ कॉमेडी की थी। एक व्यक्ति 500 रुपए ज्यादा चुकाकर लोवर बर्थ टिकट लेता है। हवा खाते हुए जा रहा, तभी एक महिला अपनी बूढ़ी सास के साथ आती है। विनती करती है कि लोवर बर्थ दे दीजिए। गजोधर लोवर बर्थ दे देते हैं। कुछ देर ऊपर लेटने के बाद नीचे लेटकर लोगों को चप्पल थमाने की भूमिका में आ जाते हैं।

द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज शो के जज शेखर सुमन ने कहा था कि राजू जितनी मजेदार कॉमेडी करते हैं, उतने ही बेहतर उनके फेशियल एक्सप्रेशन भी रहते हैं।

द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज शो के जज शेखर सुमन ने कहा था कि राजू जितनी मजेदार कॉमेडी करते हैं, उतने ही बेहतर उनके फेशियल एक्सप्रेशन भी रहते हैं।