एक ऐसे पुलिस अधीक्षक जिनके यादे आज भी कुमार आशीषहमारे देश की सुरक्षा में जितनी भूमिका भारतीय सेना की है, उतनी ही पुलिस की भी होती है। पुलिस वाले हमारे रात भर चैन से सोने के लिए अपनी नींद की क़ुरब

हमारे देश की सुरक्षा में जितनी भूमिका भारतीय सेना की है, उतनी ही पुलिस की भी होती है। पुलिस वाले हमारे रात भर चैन से सोने के लिए अपनी नींद की क़ुरबानी कर देते हैं। इनकी जितनी तारीफ करें उतनी ही काम है।

आज हमने यहां पर पुलिस पर शायरी और स्टेटस शेयर किये है। इन स्टेटस और शायरी को आप अपने सोशल मीडिया पर शेयर करके पुलिसवालों का हौसला बढ़ा सकते हैं।

मुझे अभिमान है इसका कि मैं हूं अंग वर्दी का,

बड़ी किस्मत से मिलता है ए खाकी रंग वर्दी का।

पुलिस वालों पर ज़िम्मेदारी का सवाल होता हैं,
इन्हें खुद से ज्यादा दूसरों का ख्याल होता हैं।

अपनों के लिए हर वादे तोड़ के आया हूँ,

मैं खाकी हूँ

आपके लिए अपनों को रोता छोड़ आया हूँ।

दिन हो या रात, धूप हो या बरसात

आपकी सेवा के लिए पुलिस है आपके साथ।

सबसे बेहतर रंग की तलाश थी महफिल में,

हमने खाकी बता के समा बांध दिया।

ज़िन्दगी में वफादार बनो
पर किसी पुलिस वाले का कुता मत बनो।

फोर्स किसी के बाप की जागीर नहीं है,

फोर्स की अपनी एक Diginity है,

उस Diginity को बरक़रार रखना हमारी ज़िम्मेदारी है।

हमे निद्रा कहा आती है साहब
निद्रा और सपनो को बेच के ही तो पुलिसकर्मी बने है।
अब निद्रा से कोई वास्ता ही नही,
अपनी तो पेट्रोलिंग मे ही राते निकल जाती है।

खाकी वर्दी जब से पहनी,
वक्त नहीं निकाल पाता हूँ अपनों के लिए
कभी जीता था खुद के लिए,
अब जीता हूँ मैं सभी के लिए।

जन्नत मे पहुंचते ही खुदा ने उसके रूह को सीने मे लगा लिया


और बोले पगले मैंने तुझे जिंदगी जीने के लिये जमीन पर भेजा था
और तू इसे पूलिस कि नौकरी मे खत्म कर आया।

जब एक पुलिसवाला खड़ा हो जाता है,
तो सौ चोर छुप जाते है।

एक कहावत है
पुलिस वालों की ना दोस्ती अच्छी होती है,

और न इनकी दुश्मनी अच्छी होती हैं।

जो पुलिस की बात करता है,
वही पुलिस से डरता है।

वर्दी के सामने सारे
फैशन फीके पड़ जाते है।

हाथों में रंग गुलाल भरे,
नीले पीले, कुछ लाल हरे,
सब रंग ?भागवत? हाथ धरे,
जब दुनियाँ ये मुस्कुराती है,
तब पुलिस ड्यूटी निभाती है।

कोई नाराज है तो रहने दो
पैरों में गिरकर जीना पुलिस वालो को नहीं आता।

पुलिस शख्शियत चाहे कितनी भी बड़ी क्यों ना हो
औकात में रहोगे तभी इज्जत मिलेगी।

पुलिस की गोली में इतना लोहा है,
एक बार ठोक दी न
तो ज़िन्दगी भर तेरे खून में आयरन की कमी नहीं होगी।

जो बेईमान है पुलिस वर्दी उन्हे मजबूर बनाती है,

जो ईमानदार है पुलिस वर्दी उन्हे मजबूत बनाती है।

रात होते हीं पूरी दुनिया सो जाती है, बस पुलिस जागती है
जनता की सुख-चैन के लिए, वह अपना सुख चैन त्यागती है।

वर्दी देश की शान और गुमान को पहन कर चलते हैं,
पुलिस वाले है जान को हथेली पर रखते हैं।

वा छोरी खुश किस्मत होया करे,
जिसका पति पुलिस में होया करे।

मुजरिम माँ के पेट में कम,
और पुलिस स्टेशन की गेट पर ज्यादा बनते हैं।

जब दुनिया जश्न मनाती है
तब पुलिस फर्ज निभाती है।


यही तो ज़माने का उसूल है
जरूरत हो तो पुलिस जी जान से काम करने का हौसला रखते है।

सलाम करते है उन गुरुओ को,
जिन्होने हमे कुटा और कुट कुट कर
इस लायक बनाया कि हम आज क्रिमिनल को कुट सके।

जिस दिन से वर्दी को पहना है,
Fear ने भी अपना रास्ता बदला है।

पुलिस की वर्दी के सितारे अब भी मुझे लुभाते हैं
क्योंकि पुलिसवाले समाज को रहने लायक बनाते हैं।

है खुशनसीब वो माँ जिसका लाडला चिराग,
वतन पर मरने वाला है,
वो लाडला तो तिरंगे की आन-शान पर मिटने वाला है।

सच्चे Police की या तो मौत होती है,
या फिर Suspend किया जाता है।

रात में केवल चोर ही नहीं घूमा करते हैं,

पुलिस वाले भी रात में घूम कर रक्षा करते हैं।

तन पर जब सब के रंग लगे।
जब होली की हुड़दग सजे।
जब चारो ओर उमंग जगे।
जब दुनिया फगुना जाती है,
तब पुलिस ड्यूटी निभाती है।

आंखो मेनींद न दिल में करार,
ये मोहब्बत नहीं पुलिस कि नौकरी है मेरे यार।

नशा पैसो का था
ना जाने कब देश की सेवा से हो गया

बस इसी का नाम Duty है।

यह सिस्टम मुझे आज तक समझ नहीं आया

रोड पर तेज चलाओ तो पुलिस पकड़ती है
रेस में तेज चलाओ तो इनाम मिलता है।

तेरे ही शहर में तुम्हे सरहद दिखाएगी

कभी वर्दी से पूछना सबही बताएगी।

खून की होली आप जैसे Politician खेलते हैं
पुलिस नहीं।

वर्दी में भी छुपा देश का शान हैं,
वर्दी को बेईमान कहने वालो,
पहले ये देखो कि तुम में कितना ईमान हैं।

धूप छाव सब सह जाते,
जीवन पथ दुर्गम गह जाते,
अरमान न बाकी रह जाते,
जब सजती है तन पर खाकी।


हम हिंदुस्तानी पुलिस वाले जहन्नुम तक

उस शख्स का पीछा नहीं छोड़ते
जो इस भर्ती की बेइज्जती करता है।

मैं बस खुद को अपना मानता हूं
क्योंकि दुनिया कैसी है ये पुलिस वाला अच्छे से जानता है।

जिस दिन पुलिस की वर्दी का साथ पकड़ा,
उस दिन डर का साथ छोड़ दिया।

खाकी भी बोलती हैं सुना हैं मैंने आज उस पुलिस वाले की माँ से
क्योंकि अकेले वो बंद कमरे में रोज उससे बात करती हैं।

खाकी वर्दी जिसके साथ
पावर उसका साथ।

वर्दी पहन लो तो बुराइयाँ खत्म करने की चाहत जगती हैं,


पर सियासत जब हाथ बाँध दे, तो वर्दी सजा सी लगती हैं।

वर्दी वालो के जीवन का भी अजब फ़साना है,

तीर भी चलाना है और परिन्दे को भी बचाना है।

अधूरी इच्छाएं उम्रभर रहेगी
वो वर्दी कभी मेरी काया पर सजेगी

जिनकें ख़्वाब हमने खुद अपनी आँखों को दिए थे।

तिरंगा हमारा है शान-ए-जिंदगी,
वतन परस्ती है वफा-ए-जिंदगी।

पुलिस की जीत का बड़ा शोर होगा

तुम्हारा सिर्फ वक़्त है हमारा दौर होगा।

मरने वाले तो बेबस है,
पर कमाल करते है जीने वाले।

जो हमारी रक्षा की खातिर अपने शान शौक खोते है

उसे ही हम पुलिस वाले कहते हैं।

देश के लिए मर मिटना कबूल है हमें,

अखंड भारत के स्वप्न का जुनून है हमें।

जिस दिन पुलिस के लपेटे में आ गया ना बे

कोई समाचार लेने भी नही आएगा।

पुलिस की वर्दी और
खून की गर्मी आदमी को बड़ा ख़ुद्दार बना देती है।

हमारी जान है वर्दी हमारी शान है खाकी

हमारे वतन के वीरों का सम्मान है खाकी

हमारा मान है वर्दी हमारा अभिमान है खाकी

वतन के दुश्मनो तुम्हारे लिए शमशान है खाकी।

खुशनसीब है वो जो वतन पर मिट जाते हैं,

मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं।

मुजरिमों से नाराजगी तो बहुत दूर की बात है
पुलिस वालो को तुमसे कोई उम्मीद भी नहीं है।

अब निंद से कोई वास्ता ही नही,
अपनी तो पेट्रोलिंग में ही रात गुजर जाती है।

सैकडो अकलमद मिलते हैं,
अच्छे लोग चद ही मिलते हैं,
जब आफत आती हैं तो
तब पुलिस के सिवाय,
सबके दरवाजे बद होते है।

Sunday हो या Holiday पुलिस की छुट्टी कभी नहीं होती है


रात भर जागती है पुलिस, तब जाकर जनता चैन से सोती है।

दुनीया मे मिल जायेंगे आशिक कई मगर

वतन से खुबसूरत सनम नही होता,

नोटों में सिमटकर, सोने में लिपटकर,

मरे हे कई मगर तिरंगे से खूबसूरत कफ़न नहीं होता।

चीर के बहा दूं लहू दुश्मन के सीने का

यही तो मजा है पुलिस होकर जीने का।

सरकार ने कहा है शेरो को खुल्ला न छोड़े।

सुनसान अधेरी रातो मे
चुपचाप कही सन्नाटो मे,
छोटी और मोटी बातो मे,
जो घूम घाम थक जाता है।
वो कब सोया तुम क्या जानो?

मत पूछो पुलिस पर क्या गुजरती है हुजूर,
तीर भी है चलाना और परिंदे को भी बचाना।

लोग कहते थे कि पुलिस चौराहों
पर कमाई के लिये खड़ी होती है
सारे चौराहे वीरान पड़े हैं और
पुलिस आज भी वहीं खड़ी है।

पुलिस वाली मंजिल तो मिल जाने दो
तुम्हारा हिसाब भी बड़ी सिद्दत से करेंगे।

इस वर्दी की शान पे जान देना सीखो,
ईमान बेचना नहीं।

हिमालय से ऊचा साहस उनका,
सिर जो किसी के आगे न झुका,
मातृभूमि के लिए किया सब अर्पण,
ऐसे पुलिस वीरों को मेरा नमन।


पुलिस हमेशा अपना कर्तव्य निभाती है
दिन-रात करके ड्यूटी,
हर माहौल में हमें सुरक्षा का एहसास दिलाती है।.

रात को आँखो में नीद नहीं, ना दिल मे करार,
ये मोहब्बत नही, खाकी की नौकरी है मेरे यार।

पुलिस वाला होना कोई आसान बात नहीं है।
सारे ख्वाब दिल मे दफनाने पड़ते है।

पत्थर खाकर भी खड़ा रहा,
वो लहू बहाकर अड़ा रहा,
गोली खाकर जो पड़ा रहा,
वो कब कैसे मर जाता है।
कोई कब रोया तुम क्या जानो .

यूवाओ केप्रेरणा स्रोत बनतेे जा रहेकुुुुुमार आशीष

इन्हें लेकर हैं उत्साह ।

कूमार आशीष के सुनने के बाद हर कोई चाहता हैं उनसे मिलना सोशल साइट पर हजारो कमेंट जिसमे उनके कामो कीसराहना ।

मोतिहारी,बिहार पुलिस अधिकारीको आप सड़क पर देखतेे हैं तो कतरा कर निकलक जाना चाहतेेहैं ।

लेकिन बिहार के पूलिस अधीक्षक कुमार आशीष( अपराधएवंंमुख्यालय )इस अवधारण को तोड़ रहे हैं । हालत येहै कि निरीक्षण के दौरान भी युवा उनसे शिक्षा संबंधित सवाल पूूूूछने से कतराते नहीं और उसीसंजीदगी से ज्वाइंट सीपी यूवाओ के जीज्ञासा को शांत भी करते हैं। सच यही हैं कि ज्वाइंट सीपी (कुमार आशीष) एक रूप शिक्षक वाला है ,जो युवाओ ,बच्चो को रोज उनकी जीवन शैली और भविष्य की तस्वीर संवारने की प्रेरणा देते हैं ।
चाहे वह शिक्षा हो नशा मुक्ति या सामाजिक घटनाओं की बात ,पुलिसिंग के अलवा इस और भी उनका ध्यान रहता हैं ।
ये एक सुखद आश्चर्य हैं क्योंकि लोगों का अनुभव पुलिस को लेकर अब तक अच्छा नहीं रहा हैं। लेकिन वो इस तिलस्म को तोड़ ही नहीं रहे

सोशल साइट पर रहते हैं एक्टिव
कुमार आशीष ।

इसके पीछे की वजह उन सवालो को ढूंढना , जो उनसे अछूते हो और फिर उस सवाल निस्तारण जो आमजन को प्रभावित करता हो । और इसके अलावा युवाओ को मोटिवेट करना । और सही गलत का फर्क बताना । कानून संबंधित के साथ ही ये बताना कि लोगों की सामाजिक जिम्मेदारी क्या है।

फ़रियादी के लिए समय तय

इन तमाम व्यवस्थाओं के बाद भी वह फरियादो के लिए दो घंटे सुरक्षित रखते हैं । क्योंकि ये उनकी प्राइम ड्यूटी हैं । अगर किसी के कारण दफ्तर मैं मौजूद न रहे तो उन शिकायतों को न केवल पढ़ते हैं बल्कि उसी वक्त संबंधित अधिकारी को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने का आदेश देते हैं ।इतना ही नहीं संबंधित मामलो का फीडबैक भी लेते हैं । सच ये भी हैं की थाने से ज्यादा शिकायत उनके दफ्तर तक पहुंचती हैं। शायद लोगों को कुमार आशीष से उम्मीदें ज्यादा हो ।

पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष अगर निरिक्षण के दौरान अगर सड़क पर दिख जाइए तो उनसे किसी ना किसी विषय पर चर्चा छेड़ देते हैं । जो इनसे मिलता हैं उसके बाद उसका जवाब यही रहता हैं यह विरल अधिकारी ,जो युवाओं ,बच्चो और जरूरतमंदों से जुड़ते हैं । वह किसी भी मुद्दे पर डिस्कस करने से नहीं कतराते हैं ।

आज पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष जैसे इमानदार आईपीएस अफसर होने से देश के युवाओं को बच्चों को उन पर गर्व है ।

Comments:

Ali Reporter | Jan 24, 2022

Super