कानपुर(केपी बालाजी अवस्थी)गम्हीरपुर गांव मे ग्रामीणों ने स्कूल मे बंद किए आवारा पशु

*ग्रामीणों ने स्कूल में बंद किए आवारा पशु*
▫️फसलों की बर्बादी से परेशान हैं ग्रामीण लगभग सौ पशुओं को स्कूल मे किया बंद.....
घाटमपुर! आवारा पशु यूपी में विपक्ष की राजनीति का केंद्र बनती जा रही हैं। सियासत दर सियासत के बीच विपक्ष सरकार पर हमला-वर है और सरकार विपक्ष पर पलट-वार कर रही, लेकिन जमीन पर स्थिति यह है कि किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो रहीं हैं। भीतरगांव विकाश खण्ड के गम्हीरपुर बेहटा गांव में अन्ना पशुओं के कहर से तंग किसानों ने इन्हें सबक सिखाने के लिए माँ ज्वाला देवी मन्दिर मे बने विद्यालय में करीब सौ से भी अधिक पशुओं को कैद करते हुए अधिकारियों को फोन पर सूचित कर रहे हैं खबर मीडिया मे चलने के बाद हरकत मे आए अधिकारियों ने विभाग के जमीनी पदा धिकारियों को मौके पर भेजा है!
दरअसल, मामला जनपद कानपुर नगर के नर्वल तहसील के भीतरगांव विकाश खण्ड के ग्राम पंचायत बेहटा गम्हीरपुर गांव के मजरा गम्हीरपुर साढ़ भीतरगांव रोड पर विकाश खण्ड कार्यालय से छै किलो मीटर दूर का है! जहां किसान छुट्टा जानवरों से पूरी तरह परेशान हो चुके हैं! जहां यह आवारा पशुवों का समूह रात मे किसानो की भसलों का नुकसान कर रहे है तो वहीं दूसरी तरफ यही पशु मुख्य मार्ग मे इधर से उधर घूमते हुए आए दिन दुर्घटना मे यह आम जनता को चोटिल भी कर रहे हैं। यहां लापर वाह अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कोई भी आवश्यक कदम नहीं उठाया जा रहा है। केवल कागजी कोरम ही पूरा करते हुए ब्लाक मे कुछ गौशालाओ को संचालित किया जा रहा है। जिससे पूरे ब्लॉक के किसान परेशान एवं निराश हैं।
इसी क्रम में गम्हीरपुर गांव मे आज छुट्टा जानवरों से तंग आकर ग्रामीणों ने माँ ज्वाला देवी मन्दिर में बने जूनियर हाई स्कूल में करीब सौ से भी ज्यादा पशुओं को कैद कर दिया। ग्रामीण छुट्टा जानवरों से काफी दिनों से परेशान थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व में ग्रामीणों ने इस सम्बंध मे उप जिलाधिकारी नर्वल को सूचना दी थी, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका था। बता दें कि विकास खण्डों में छुट्टा जानवरों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन द्वारा अपनी पूरी टीम के साथ जानवरों को पकड़वा कर सरकार के द्वारा बनाए गए गोवंश आश्रय स्थलों में रखवाने के निर्देश हैं। परंतु इसका असर सायद ही कहीं देखने को मिलता हो खबर लिखे जाने तक ग्राम पंचायत सचिव ब्रजेश सिंह, राजस्व लेख-पाल रोचक साहू, पशु चिकित्साधिकारी अतुल अवस्थी सहित सैकड़ों ग्रामीण छुन्नू शुक्ला, कल्लू त्रिवेदी, उमेश शुक्ला, हर्शित शुक्ला, अश्वनी तिवारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे परंतु अभी तक कोई हल नहीं नहीं निकल सका था !!