वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक विषय पर किसान गोष्ठी अयोजित की गईं।

प्रमोद गुप्ता 9005392789

सोनभद्र-जनपद के ग्राम सुवरसोथ खुर्द और सुवरसोथ कला ब्लॉक नगवा में कृषि विज्ञान संस्थान काशी हिंदू विश्वविद्यालय तथा राई सरसों अनुसंधान निर्देशालय भरतपुर राजस्थान के द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित जनजातीय उप परियोजना के ताहत राई की वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक विषय पर किसान गोष्ठी अयोजित की गईं।

इस परियोजना के ताहत अक्टूबर माह में १६० किसानों को सरसों का बीज वितरण किया गया था ।और आज इन किसानों के साथ गोष्ठी का आयोजन किया गया और साथ में कवकनाशी ,कीटनाशक, सल्फर और सूक्ष्म पोषक तत्त्व का वितरण १६० किसानों को किया गया ।

इस अवसर पर संस्थान के राई सरसों के वैज्ञानिक प्रोफेसर कार्तिकेय श्रीवास्तव ने सिंचित दशा में समय से बुआई वाली प्रजातियों के विषय मे विस्तृत जानकारी दिए उन्होंने बताया सरसों कि नवीन प्रजातियों जैसे गिरिराज, आर एच 725, 749,आर जी यन 73 का प्रयोग कर किसान अधिक ऊपज प्राप्त कर सकता हैं। उन्होंने ने बताया इस जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से राई सरसों एक उचित दिर्घ कालिक ऊपज स्थायी वाला पर्याय हैं।

और साथ ही साथ भूमि की तैयारी उर्वरक के उपयोग खरपतवार नियंत्रण तथा समेकित पोषक तत्त्व प्रबन्धन पर तथा तेल की प्रतिशत बढ़ाने के लिए सल्फर तथा सूक्ष्म तत्वो के प्रयोग पर बल दिया ।

और सरसों में लगने वाले रोग झुलसा सफेद गेरूई तुलसिता रोग के प्रबंधन के विषय मे विस्तृत जानकारी दी ।