बिना तैयारी के इलेक्ट्रिक बसों का शुरू कर दिया परिचालन, चार्ज न होने से बनी शोपीस

आगरा।बिना पूरी तैयारियों के चलते सरकार और स्थानीय रोडवेज प्रशासन ने अपना हित साधने के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत आगरा की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों को दौड़ा दिया। नतीजा यह रहा कि पहले दिन ही इन बसों के संचालन में दिक्कत आने लगी। क्योंकि इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर दौड़ाने के लिए उन्हें चार्ज करना पड़ता है। चार्जिंग में आई दिक्कत के कारण बसों का संचालन रुक गया है। अब विभाग अपनी किरकिरी से बचने के लिए 15 दिन के भीतर संचालन का दावा कर रहा है।

मंगलवार को ईदगाह बस स्टैंड पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल और जनप्रतिनिधियों ने लखनऊ से भेजी गई पांच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने को हरी झंडी दिखाई थी लेकिन जो दावे किये गए वो पहले दिन ही खोखले साबित हो गए। बुधवार को पहले ही दिन एक भी बस का संचालन शुरू नहीं हो सका। पहले चरण में भगवान टॉकीज से एमजी रोड होकर आगरा कैंट स्टेशन तक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाना है।

चार्जिंग स्टेशन अभी भी है अधूरा

बताया जाता है कि इन इलेक्ट्रिक बसों के आने से पहले चार्जिंग स्टेशन तैयार कराया जाना था लेकिन रोडवेज अधिकारी इसे तैयार नहीं करा पाए। बिना तैयारी के ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन आगरा में करा दिया। इलेक्ट्रिक बसों की बैटरी को चार्ज करना पड़ता है। शुभारंभ के दौरान लखनऊ से बसे चार्ज होकर आई लेकिन यहाँ चार्जिंग स्टेशन तैयार न होने पर बसों को खड़ा करना पड़ा।

जेनरेटर से चार्ज की व्यवस्था की गई

आगरा मथुरा सिटी बस ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि चार्जिंग के लिए अस्थायी रूप से जेनरेटर की व्यवस्था की गई थी लेकिन जनरेटर से चार्जिंग नहीं हो पाई। अब नरायच में बनाए जा रहे चार्जिंग डिपो का कार्य पूर्ण होने के बाद ही बसों का संचालन शुरू किया जा सकेगा। इसमें 15 दिन का समय लग सकता है।

इस रूट पर चलनी थीं बसें

प्रबंध निदेशक एम.के. पुंढीर के मुताबिक, पहले चरण में भगवान टॉकीज से एमजी रोड होकर आगरा कैंट स्टेशन तक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करना था। सिटी बसों के लिए 22 रूट निर्धारित किए। भगवान टॉकीज से सुभाष पार्क तक पांच रुपये और उसके बाद ढ़ाकरान से अवंतीबाई चौराहे तक 10 रुपये और आगरा कैंट तक 15 रुपये किराया लिया जाएगा।

ये है खासियतें

प्रबंध निदेशक पुंढीर ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसें पूरी तरह से

वातानुकूलित लो फ्लोर बसें है जो प्रदूषण रहित भी है। इसमें लगी एलईडी पर स्टॉपेज बताएंगी। इतना ही नही बस में 5 कैमरे लगे हैं जो सभी को कैद करेगा। दिव्यांगों के लिए रैंप की सुविधा की गई है। वहीँ आपातकालीन अलार्म भी है। चालक के पास पीए सिस्टम है। इतना ही नही बटन से बस का दरवाजा खुलेगा। बस में सुविधाजनक 28 फाइबर सीट है जो 2.5 मीटर चौड़ाई होने से आसानी से बैठ सकते है। बसें एक बार की चार्जिंग में 120 किमी चलेगी और 45 मिनट में पूरी तरह से चार्ज हो जाएगी। बस में मोबाइल फोन चार्जिंग सुविधा है।