त्रिपुरारी पाण्डेय कि रिपोर्ट/गोष्ठी, सम्मान के साथ सांस्कृतिक संध्या का आयोजन 

गोष्ठी, सम्मान के साथ सांस्कृतिक संध्या का आयोजन


अमेठी। भाषा और साहित्य की उपयोगिता पर बिचार गोष्ठी का आयोजन किए। तो दूसरे सत्र मे काब्य गोष्ठी का कार्यक्रम किए गए। तो तीसरे सत्र मे लोकगायन कार्यक्रम के बाद सारस्वत सम्मान से साहित्यकारो का गौरव बढाया गया।

कार्यक्रम का आयोजन अवध भारती संस्थान-साहित्य संस्थान-कन्याकुमारी साहित्यिक-सांस्कृतिक सामाजिक संस्थान के संयुक्त तत्वावधान मे "बिचार गोष्ठी ,काब्य गोष्ठी, सांस्कृतिक संध्या, सारस्वत सम्मान "का आयोजन मदुरै मे किया गया। सरस्वती वन्दना डाॅ बिष्णु शर्मा कुमार ने गायन किया। इसके बाद बिचार गोष्ठी "भाषा एव साहित्य की उपयोगिता "पर बिषय प्रवर्तक डाॅ अर्जुन पाण्डेय रहे। तो वही वक्ता डाॅ विनय दास, प्रोफेसर माया पीएस, डाॅ बिष्णु शर्मा कुमार, डाॅ जोसी विंसेंट, प्रोफेसर आर वी निशा कुमारी ने भाषा की उपयोगिता, साहित्य की उपयोगिता पर बिचार ब्यक्त किए। निष्कर्ष वक्तव्य डाॅ राम बहादुर मिश्र ने दिए।

काब्य गोष्ठी मे श्रीमती शांति मिश्रा 'गुन्जन ',डाॅ राजेंद्र पाण्डेय 'किसलय 'मनोज चन्द्र तिवारी, विश्वंभर नाथ अवस्थी 'पप्पू भैया 'ने भाषा और साहित्य की उपयोगिता पर काब्य पाठ का भब्य आयोजन हुआ। इसके बाद लोक गायन डाॅ राजेंद्र पाण्डेय ने भाषा और साहित्य पर प्रस्तुत किए। कार्यक्रम मे शामिल साहित्यकारो का सारस्वत सम्मान किया गया। कार्यक्रम मे शामिल साहित्यकारो के प्रति आभार प्रोफेसर माया देवी पी एस ने ब्यक्त किए। संचालन के साथ धन्यवाद डाॅ शिवम तिवारी ने दिया।