आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

भीलवाड़ा (पुनीत चपलोत)। आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। सोंपे ज्ञापन में बताया कि संगठन की राष्ट्रीय महामंत्री सुशीला जाेशी ने राज्य व केंद्र सरकार पर आशा सहयाेगिनी के हिताें की अनदेखी करने का आरोप लगाया। मात्र 15 साै रुपए का मानेदय देकर आशाओं का शाेषण का आरोप लगाया। उन्हाेंने ज्ञापन में बताया कि आशा सहयाेगिन ने काेराेना काल में अपनी जान की परवाह किए बगैर घर-घर जाकर सर्वे किया। इस दाैरान कई आशाएं कोरोना पिड़ित भी हो गई। उन्होंने मांग पत्र में आशा सहयोगिनी को स्थाई कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिलाने, आशा बहनों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाकर उनको ईएसआई व ईपीएफ से जोड़ने, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन देने एवं तीन लाख रूपए ग्रेजुएटी देने, स्थाई करने तक न्यूनतम वेतन 18 हजार रूपए मासिक देने, आशा सहयोगिनी को अस्पताल में बैठने के लिए अलग से व्यवस्था कराने, वरिष्ठता के आधार पर आशा सुपरवाइजर पद पर पदोन्नत करने की मांग की। इस दौरान कौशल्या खटीक, शांता जाट, हेमलता पटवा, जमुना कोली, कंचन नकवाल, मिथिलेश शर्मा, मंजू शर्मा, शांति जैन एवं पुष्पा गुर्जर उपस्थित थीं।