गंगा पुत्र स्वामी सानंद ने गंगा माईया के अविरलता के लिए बलिदान दिया - पानी पत्रकार अरूण तिवारी

गंगा पुत्र स्वामी सानंद ने गंगा माईया के अविरलता के लिए बलिदान दिया - पानी पत्रकार अरूण तिवारी

*प्रोफेसर जी डी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद की अमेठी जल बिरादरी ने मनाई पुण्यतिथि।

अमेठी। शहर के अन्तू रोड स्थित ओमनगर में अमेठी जल विरादरी के सौजन्य से गंगा पुत्र के रूप में प्रसिद्ध प्रोफेसर जी डी अग्रवाल ( ज्ञान स्वरूप सानन्द) की पुण्य-तिथि के अवसर पर स्वामी सानंद गंगा संकल्प में अमेठी जल बिरादरी का योगदान बिषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पानी पत्रकार अरुण तिवारी ने कहा कि ऋषि वैज्ञानिक स्वामी सानन्द जी का मानना था कि गंगा की निर्मलता से अधिक गंगा अविरलता को बनाये रखना आवश्यक है ,उन्होंने अपने लम्बे अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि स्वामी सानंद गंगा को उतरी हुई मानते थे,उनका कहना था कि निर्मलता के खेल से बचने की जरूरत है।उनकी लड़ाई गंगा को अविरल धारा बनाने की थी, जिसके लिए वे बलिदान हो ग्रे। मुख्य अतिथि नेहरू युवा केन्द्र अमेठी के उपनिदेशक डाॅ आराधना राज ने कैच द रेन परियोजना के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि जल संचयन एंव संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करने की जरूरत है । अमेठी जल विरादरी के संयोजक डाॅ अर्जुन पाण्डेय ने कहा स्वामी सानन्द को वास्तविक श्रद्धांजलि यही होगी की हम उनके आन्दोलन को जन-जन जन तक पहुंचायें। डॉ धनन्जय सिंह ने कहा कि जल संचयन से ही जल संकट से उबर सकते हैं।संगोष्ठी में समाज सेवी श्रीनाथ शुक्ल ,सत्येन्द्र प्रकाश शुक्ल , हिमांशु पाण्डेय एवं, सौरभ मिश्र आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर अभिमन्यु पाण्डेय, विकास शुक्ला, पवन वर्मा, राज जायसवाल शुभम मिश्र,नीरज एवं जयप्रकाश यादवआदि मौजूद रहे।