घाटों पर वेटिंग चल रही, सरकार हालात पर ध्यान दें:अली ने पटना के तीन घाटों पर किया कॉल; सबने कहा- फोन पर नहीं लगता नंबर, डेड बॉडी लाएंगे तभी इंतजाम

घाटों पर वेटिंग चल रही, सरकार हालात पर ध्यान दें:अली ने पटना के तीन घाटों पर किया कॉल; सबने कहा- फोन पर नहीं लगता नंबर, डेड बॉडी लाएंगे तभी इंतजाम

पटना के घाटों पर वसूली के धंधे में नगर निगम का हर हथकंडा फेल है। 24 घंटे पहले निगम ने पटना के 3 घाटों के कंट्रोल रूम का नंबर जारी कर शव ले जाने से पहले फोन करने की बात कही थी। इस व्यवस्था की पड़ताल करने के लिए जब अली ने फोन किया और डेड बॉडी जलाने की बात कही तो जवाब मिला- फोन पर कोई काम नहीं होगा। लाश को घाट पर लाना होगा, फिर नंबर लगाया जाएगा। इस तरह 24 घंटे के अंदर ही निगम के दावे की पोल खुल गई और यह खुलासा हो गया कि घाटों पर निगम की सख्ती के बाद भी वसूली गैंग काम कर रहा है। निगम ने दावा किया था कि घाटों पर फोन करने के बाद बताए गए समय पर ही डेड बॉडी लेकर जाना होगा।

पड़ताल एक: बांस घाट पर बताया गया 8 घंटे बाद आइए

अली ने जब बांस घाट पर फोन किया तो बताया गया कि अभी 8 लाशें लाइन में हैं। इस कारण से कम से कम 8 घंटे का समय लग जाएगा। नंबर लगाने की बात पर कहा गया- ऐसी तो कोई व्यवस्था ही नहीं है। आप लाश लेकर आइए फिर नंबर लगाया जाएगा।

रिपोर्टर ने जब यह बताया कि निगम का कहना है, फोन करने के बाद समय बताया जाएगा और इस अंतराल में पूरी व्यवस्था की जाएगी, इसके जवाब में बोला गया- ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है।

पड़ताल दो : खाजेकलां घाट पर बोला गया- बिना आए कोई नंबर नहीं

पड़ताल के लिए दूसरा फोन खाजेकलां घाट को लगाया गया, जिसे लेकर निगम ने कहा है कि यहां पहले फोन करने के बाद ही शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जाएगी। यहां बताया गया कि बिना घाट पर आए, कोई भी काम नहीं होगा। फोन से न तो नंबर लगता है और ना ही कोई व्यवस्था होती है। लकड़ी से जलाना है तो तत्काल हो जाएगा, लेकिन मशीन पर जलाना हो तो लाइन में लगााना पड़ेगा।

खर्चे को लेकर फोन पर तो कोई बात नहीं की गई, आकर ही बात करने को कहा गया। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि निगम ने कोविड से मरने वालों का अंतिम संस्कार मुफ्त में कराने की बात कही है।

पड़ताल तीन : गुल्बी घाट पर भी पहले फोन करने का कोई मतलब नहीं

पड़ताल के क्रम में जब गुल्बी घाट को फोन लगाया गया तो यहां से भी मिली जानकारी चौंकाने वाली थी। बताया गया कि फोन पर कोई खर्च की बात नहीं हो पाएगी और न ही कोई व्यवस्था ही फोन पर होगी। घाट पर शव को लेकर आना होगा, इसके बाद ही जो व्यवस्था होगी, की जाएगी। बताया गया कि लकड़ी पर कम से कम 3 घंटे का समय लगेगा।

कंट्रोल रूम को लेकर किए दावे, पड़ताल में फेल

नगर निगम का कहना है कि कोविड से मरने वाले व्यक्तियों के परिजन घाट पर पार्थिव शरीर ले जाने से पहले कंट्रोल रूम को इसकी सूचना देंगे। इसके बाद निगम द्वारा अंतिम संस्कार का समय बताया जाएगा। निर्धारित समय पर सभी आवश्यक व्यवस्था निगम कर्मियों द्वारा कर दी जाएगी। सूचना के बाद कंट्रोल रूम द्वारा परिजन को इस बात की जानकारी दे दी जाएगी कि लगभग कितने बजे पार्थिव शरीर का दाह संस्कार किया जाएगा। निगम का कहना है कि विकट परिस्थिति में भी दलालों मृत व्यक्तियों के अंतिम संस्कार के नाम पर परिजनों से अवैध रूप से राशि की मांग की जा रही है। ऐसे दलालों से सावधान रहें।

निगम ने 24 घंटे पहले जारी किया था नंबर:
बांस घाट कंट्रोल रूम - 8987165304
खाजेकलां घाट कंट्रोल रूम - 6203180280, 8210745187
गुल्बी घाट कंट्रोल रूम - 9931279973
लंबी लाइन से बचने के लिए निगम ने यह कहा था

नगर निगम ने माना था कि महामारी के दौरान घाटों पर दबाव बढ़ा है। प्रति दिन क्षमता से अधिक शव अंतिम संस्कार के लिए आ रहे हैं। सीमित संसाधन के बावजूद पटना नगर निगम द्वारा अंतिम संस्कार कराने की बात कही गई। यह भी माना गया कि शवों की कतार और कोरोना से मृत व्यक्तियों के परिजन की मन: स्थिति को लेकर बड़ी समस्या पैदा हो गई है। परिवारजन की मृत्यु से आहत परिजनों को घंटों पर अंतिम संस्कार के लिए वेटिंग करना पड़ रहा है।

घाटों पर शवों की वेटिंग से संक्रमण का खतरा

निगम ने माना था कि घाटों पर शवों की वेटिंग और परिवार वालों की भीड़ से संक्रमण का खतरा कई गुणा बढ़ गया है। अंतिम संस्कार के लिए आए परिजनों के संक्रमित होने या संक्रमण के प्रसार की संभावना का खतरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में नगर निगम ने व्यवस्था की है कि पहले फोन से नंबर लगाया जाए उसके बाद शव का अंतिम संस्कार करने के लिए घाटों पर लाया जाए।

तीन घाटों को लेकर निगम का दावा

पटना नगर निगम क्षेत्र में कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार खाजेकलां घाट, गुल्बी घाट और बांस घाट पर किया जा रहा है। गुल्बी घाट एवं बांस घाट पर कुल दो-दो और खाजेकलां घाट पर एक विद्युत शवदाह गृह है। इन घाटों पर लकड़ी से भी अंत्येष्टि की व्यवस्था है। कोरोना मृत व्यक्तियों का अंतिम संस्कार पटना नगर निगम द्वारा नि:शुल्क किया जा रहा है