छत्तीसगढ़ प्रेस क्लब ने पत्रकारों को फ़्रंटलाइन वारियर्स का दर्जा देने की राज्य सरकार से रखी मांग 

मृत पत्रकारों के परिजनों को शासन स्तर पर मिले 50 लाख का मुआवजा -संदीप
रायपुर।
छत्तीसगढ़ प्रेस क्लब ने प्रदेश के तमाम पत्रकारों को कोरोना फ़्रंटलाइन वारियर्स का दर्जा दिए जाने की मांग रखी है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ प्रेस क्लब ने मांग रखते हुए मुख्यमंत्री से इस संबंध में चर्चा कर पहल किए जाने की मांग रखी है। छत्तीसगढ़ प्रेस क्लब के अध्यक्ष संदीप तिवारी राज ने बताया कि विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी कोरोना के दस्तक ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। इस बीच पत्रकार साथी फ्रंट फुट पर आकर कोरोना संक्रमण से बचाव तथा रोकथाम के लिए अपने अखबारों और टीवी चैनलों वेब पोर्टल के माध्यम से प्रचार प्रसार में जुटे है, और लगातार काम कर भी रहे हैं। मगर इस वैश्विक महामारी के बीच उन्हें भी कोविड-19 का खतरा बना रहता है बावजूद इसके अब तक पत्रकारों को फ्रंटलाइन वारियर्स नहीं माना गया है। जो की अनेक राज्यों में हो चूका है। अगर पत्रकारों को फ्रंटलाइन वारियर्स का दर्जा मिल जाए तो उन्हें भी कोरोना का टीकाकरण प्राप्त हो सकता है, इसीलिए छत्तीसगढ़ सरकार को जल्द से जल्द इस दिशा में निर्णय लेते हुए पत्रकारों के मांगों पर विचार करना चाहिए, वही हर जिले कि कोविड-19 अस्पतालों में कोरोना पीड़ित पत्रकारों के लिए कम से कम 50 बेड आरक्षित रखा जाए ताकि पीड़ित होने पर उनका बेहतर ढंग से उपचार हो सके साथ ही मृत पत्रकारों के परिजनों को शासन स्तर पर 50 लाख का मुआवजा मिलना चाहिए।