भगत सिंह यूथ ब्रिगेड ने राजस्थान सरकार से स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में कोरोना संक्रमण बचाव के लिए सेनीटाइजर व दवाइयां छिड़कवाने की मांग की

कुचामन सिटी :- कोरोना कि दूसरी लहर के चलते हर आदमी डरा डरा सा महसूस कर रहा है तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण रोकने के लिए गांवो व शहरों को सेनीटाइजर करवाने की मांग तेज हो गई है भगतसिंह यूथ ब्रिगेड ने राजस्थान मे सभी शहरों एवं गांवो में सैनिटाइजर छिड़काव की मांग राजस्थान सरकार से की है भगतसिंह यूथ ब्रिगेड प्रदेशअध्यक्ष परसाराम बुगालिया ओर नावां तहसील अध्यक्ष झूमरमल बिजारणिया , परबतसर तहसील अध्यक्ष बिरमाराम बांगड़वा ने मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र ई-मेल द्वारा भेज कर मांग की है कि शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना का कहर दिखने लगा है ऐसे में प्रशासन सार्वजनिक स्थानों को सैनिटाइजर करवाये ओर नियमों में सख्?ती लाए इसके बाद ही संक्रमण को काबू किया जा सकता है प्रदेशअध्यक्ष परसाराम बुगालिया का कहना है कि कोरोना कि दूसरी लहर पहले के मुकाबले कई गुना फैल रही है फिर भी सार्वजनिक स्थानों को सेनीटाइजर करवा कर इस बार कोई राहत नहीं दी जा रही है कोरोना के चलते हर आदमी डरा डरा सा महसूस कर रहा है ऐसे में राजस्थान सरकार से मांग की है कि वह शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सैनिटाइजर छिड़काव के लिए कदम उठाए ताकि लोगों को संक्रमण से राहत मिल सके मांग पत्र में यह भी लिखा है कि पहले मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के सौजन्य से मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर डीडीटी दवा का छिड़काव किया जाता था परंतु कई वर्षों से दवा छिड़काव को लेकर विभाग भी उदासीन बना बैठा है उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते खौफ के बीच शहरी क्षेत्रों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी संक्रमितो की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है लेकिन ना तो अभी तक सेनीटाइजर किया गया है और ना ही किसी भी प्रकार की दवा का छिड़काव करवाया गया है भगत सिंह यूथ ब्रिगेड ने मांग करते हुए लिखा है कि मुख्यमंत्री ने हाल ही मे घोषणा की थी की कोरोना महामारी से राज्य की जनता को निजात दिलवाने के लिए राज्य का पूरा बजट खर्च करना पड़े तो भी जनता के लिए खर्च किया जाएगा जिसके चलते मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग को बजट देकर सभी शहरों व गांवो में सार्वजनिक स्थानों को सेनीटाइजर करवाएं और अन्य संक्रमित बीमारियों की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में पहले की तरह डीडीटी दवाइयों का छिड़काव करवाएं और नियमों में सख्ती लाए इसके बाद ही संक्रमण को काबू किया जा सकता है !