कमांड कंट्रोल रूम से होगी कोविड अस्पताल की ऑनलाइन मॉनिटरिंग

गोंडा पवन कुमार द्विवेदी

कमाण्ड कन्ट्रोल रूम से होगी केाविड हॉस्पिटल की ऑनलाइन मानीटरिंग

डीएम अपने मोबाइल से लाइव देखेंगे कोविड हॉस्पिटल की हर एक गतिविधि

कोविड हाॅस्पिटल में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए डीएम मार्कण्डेय शाही ने तकनीकी नकेल कस दी है तथा कोविड वार्ड जिसमें कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हैं, उनके उचार, देखभाल, दवाओं व आक्सीजन दिए जाने की आदि स्थिति की आॅन लाइन लाइव मानीटरिंग की व्यवस्था कराई है।
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट स्थित कन्ट्रोल रूम तथा स्वयं के मोबाइल पर आॅन लाइन लिंक के माध्यम से कोविड हास्पिटल में हो रही प्रत्येक गतिविधि की लाइव मानीटरिंग के लिए अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगवाकर उसे कलेक्ट्रेट में स्थापित टीवी से लिंक के माध्यम से जुड़वाया है जिससे टीवी पर तथा जिलाधिकारी स्वयं के मोबाइल पर देख सकते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला अस्पताल के कोविड हाॅस्पिटल में स्टाॅफ द्वारा लापरवाही बरतने की शिकायतें उन्हें प्राप्त हो रही थीं। लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाब तय करने तथा कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल में अच्छी सुविधा मिल सके और उनकी जान बचाई जा सके इसके लिए यह व्यवस्था कराई गई है। उन्होंने बताया कि कोविड- हास्पिटल के हर फ्लोर, नर्सिंग स्टेशन, कोविड वार्ड सहित अन्य प्रमुख जगहों को ऑनलाइन टीवी व मोबाइल पर देखा जा सकेगा। कोविड वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ के बारे में ऑनलाइन जानकारी मिलती रहेगी तथा उनके द्वारा मरीजों के साथ किए जा रहे बर्ताव, दवाइयां, नाश्ता-खाना आदि ठीक से दिया जा रहा है कि, की मॉनिटरिंग होगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला सूचना विज्ञान अधिकारी गिरीश प्रजापति तथा ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमित गुप्ता को तकनीकी जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही प्रशिक्षु एसडीएम आत्रेय मिश्रा को कोविड कमाण्ड कन्ट्रोल रूम की जिम्मेदारी दी गई है। टीम के साथ के जिलाधिकारी के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग के महामारी विशेषज्ञ डा0 हसन इफ्तेखार, डा0 आर0पी0 सिंह तथा डा0 रंजीत सिंह को भी लगाया गया है।

जिलाधिकारी की मुहिम लाई रंग, महिला अस्पताल में लगा नया ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना संक्रमण के खिलाफ डीएम मार्कण्डेय शाही की मुहिम रंग ला रही है। डीएम के प्रयास से जिले में एक और आक्सीजन प्लान्ट की स्थापना हो गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि महिला अस्पताल में पहले स्थापित खराब पड़े आक्सीजन प्लान्ट को ठीक कराने का प्रयास किया गया जिसके लिए उन्होंने फरीदाबाद से इन्जीनियर व उपकरण मंगवाएं परन्तु प्लान्ट ठीक नहीं हुआ तो प्रयास करके प्रयागराज से मंगवाकर नया प्लान्ट लगवाने हेतु उनके द्वारा कई स्तरों पर पैरवी की गई। जिसके परिणाम स्वरूप महिला अस्पताल में नया आक्सीजन प्लान्ट स्थापित हो गया है तथा आक्सीजन का उत्पदान शुरू हो गया है। इससे पहले जिलाधिकारी ने जिला अस्तपाल में वर्ष 2018 में स्थापित बन्द पड़े आक्सीजन प्लान्ट की तकनीकी खामियों को दूर कराकर ठीक कराया है जिससे आॅक्सीजन का उत्पादन हो रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में सरकारी अस्पताल में दो आॅक्सीजन प्लान्ट क्रियाशील हो गए हैं तथा आक्सीजन की किल्लत काफी हद तक खत्म हो गई है। इसके अलावा जिला अस्पताल कोविड आईसीयू के 17 वेंटिलेटर भी एक्टिव हो गए हैं। जिससे कोविड मरीजों को बहुत राहत मिली है।