करोना संक्रमण के समय आदेशों की धज्जियां उड़ाते आम नागरिक

बाराबंकी देश में इस समय करोना की दूसरी लहर चल रही है जिससे देश में करोना संक्रमित की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है । बेड दवाइयां ऑक्सीजन की भारी किल्लत होती जा रही है मौत का आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है उधर सरकार दवाइयां और ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए कोशिश कर रही है परंतु संक्रमण की संख्या इतनी ज्यादा है की दवाइयों और ऑक्सीजन की आपूर्ति मैं समय लग रहा है। लेकिन सरकार युद्ध स्तर पर कोशिश जारी रखे हुए हैं। कुछ बुद्धिजीवी लोग इस करोना संकट में सरकार को भी कटघरे में खड़े कर रहे हैं परंतु ऐसा नहीं है सरकार के साथ-साथ हम लोग भी दोषी हैं क्योंकि सरकार द्वारा बनाए किसी भी नियम को हम लोगों ने जागरूकता के साथ पालन नहीं किया जिसका खामियाजा आज हमें भुगतना पड़ रहा है। अगर हम बाराबंकी या उसके आसपास के गांवों की बात करें तो किसी भी नियम का पालन करता यहां का कोई आम नागरिक नहीं दिखता व्यापारी तथा बाजार में निकलने वाले कुछ लोग ना तो मास्क का प्रयोग करते हैं नाही किसी तरह की सामाजिक दूरी का प्रयोग करते हैं। आदेश के बावजूद देर रात तक दुकानें खुली रहती है जहां सरकार ने एक तरफ शादी समारोह में एक सीमित लोगों की संख्या का निर्धारण किया है परंतु ऐसे किसी भी नियम का पालनकर्ता कोई नागरिक नहीं दिख रहा। किसी भी सरकारी या गैर सरकारी संस्थानों पर करोना नियम और सामाजिक दूरी के साथ अपने कार्य को नहीं करेंगे तो उसमें किसी संस्थान और सरकार का क्या दोष , इसलिए जागरूक बनिए और दूसरों को भी जागरूक बनाइए ताकि इस समय जो महामारी है मिलकर उसे हरा सके।