रात्रि 09ः30 बजे से सवेरे 05ः00 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यु लागू

राजस्थान
पाली सिटी

रात्रि 09ः30 बजे से सवेरे 05ः00 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यु लागू

अप्रैल पाली सिटी जिला मजिस्ट्रेट अंश दीप ने कहा कि कोरोना महामारी के संक्रमण के प्रसार को थामने के लिए आमजन को कोविड़ उपयुक्त व्यवहार का पूर्णतया पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि कोविड़ संक्रमण की स्थिति के आधार पर उपखण्ड क्षेत्रों में रात्रिकालीन कफ्र्यु की जरूरत महसुस होने पर संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेटों के प्रस्ताव पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि वर्तमान में जिले में कोविड़ के मामलें दुबारा बढ़ रहे है। ऐसे में आमजन को मास्क पहनने, हैण्ड सेनेटाईजर का उपयोग करने, कार्यालय स्थल की साफ-सफाई रखने, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थुकने, एक स्थान पर एकत्र नहीं होने, सामाजिक दूरी रखने, लक्षणों को नहीं छीपाने सरीके एहतियाती कदम उठाने जरूरी है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर नगरीय सीमा के भीतर रात्रि 09ः30 बजे से सवेरे 05ः00 बजे तक रात्रिकालीन कफ्र्यु लागू किया गया है। कोविड़ संक्रमण की स्थिति के आंकलन के आधार पर आगामी दिनों में संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेटों के प्रस्ताव प्राप्त होने पर उपखण्ड क्षेत्रों में भी रात्रिकालीन कफ्र्यु लागू किया जा सकता है। ऐसे सख्त कदमों से बचने के लिए आमजन को एनटी कोविड़ गतिविधियों से बचना होगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने आमजन को कोरोना महामारी से बचने के लिए आत्म अनुशासन के लिए प्रेरित करने की जरूर प्रतिपादित की। उन्होंने कहा कि एक वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद आमजन कोविड़ के प्रति कुछ हद तक निश्चित हो गए है। सरकार के प्रयास तभी अधिक प्रभावी हो सकते है जब कोविड़ 19 के खिलाफ निवारक उपायों के माध्यम से इंसानी जीवन को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयास किए जाएं। साथ ही टीकाकरण की गति बढ़ाई जाएं। उन्होंने विभागों के अधिकारियों को विशेष टीमों के रूप में एनटी कोविड़ 19 गतिविधियों में जुटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी उपखण्ड मजिस्ट्रेटों को 24 मार्च 2020 को लाॅकडाउन उपायों की क्रियान्विति के लिए इन्सिडेंट कमाण्डर के रूप नियुक्त किया गया था। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत सभी उप जिला मजिस्ट्रेट बतोर इंसिडेंट कमाण्डर अपने अपने क्षेत्रों में कार्य करेंगे।