मंगलवार को गायत्री नव चेतना केंद्र द्धारा अयोजित श्री मद भागवत कथा के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ ने देर रात कथा का आनंद लिया

पयागपुर। मंगलवार को गायत्री नव चेतना केंद्र द्धारा अयोजित श्री मद भागवत कथा के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ ने देर रात कथा का आनंद लिया। कथा बाचक राजेश मिश्र के सुमधुर भजनों व चौपाइयों पर लोग भक्ति रस में गोता लगाते रहे।

श्री मिश्रा ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से मानव मन में परमात्मा के प्रति प्रीत का उदय होने के साथ आचरण शुद्ध होता है।
उन्होंने आचारवान पुरुषों वेद: सूक्ति का विवेचन करते हुए कहा कि आचरणवान पुरुष चलता-फिरता वेद रूप होता है और भगवान की कथा मनुष्य को यह स्वरूप प्रदान करने में पूर्ण समर्थ है। श्री सच्चिदानंद का शाब्दिक विग्रह करते हुए कथा व्यास ने कहा कि भगवान सर्वकालिक, चैतन्य और ज्ञान वान हैं। संसार के सभी सुख अस्थायी और क्षणभंगुर हैं किंतु ईश्वर के सानिध्य से प्राप्त होने वाला सुख शाश्वत होता है। श्रीमद् भागवत कथा अंधकार से प्रकाश अर्थात अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाती है। भगवान के स्वभाव का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि दैहिक, दैविक और भौतिक तापों से उनकी कथा सबकी रक्षा करती है।
व्यवस्था में आयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ला,यजमान अमरीका प्रसाद मिश्र, मालिक राम शर्मा , अनुराग कश्यप खन्ना, आदि लोग सहयोग करते रहे।