चार वर्षों से अपनी समस्या सांसद,विधायक,जिलाधिकारी पहुचा कर ग्रामीण हो चुके है निराश

(प्रमोद गुप्ता9005392789)

बास बल्ली के पुल से जान जोखिम में डाल बिच्छी नदी पार करते है ग्रामीण

निर्माण के एक वर्ष बाद ही बह गई पुलिया निर्माणकर्ता के विरुद्ध नही हुई कोई कार्यवाही

चार वर्षों से अपनी समस्या सांसद,विधायक,जिलाधिकारी पहुचा कर ग्रामीण हो चुके है निराश

गर्भवती महिलाएं मरीज विद्यार्थीयो के लिये बिच्छी नदी बन चुकी है अभिश्राप

सोनभद्र /म्योरपुर विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिण्डारी में बहने वाली बिच्छी नदी ग्रामीणों के लिये अभिश्राप बन कर रह गयी है करोड़ो रूपये के लागत से निर्मित पिण्डारी, नगराज,सतपेड़वा एवं मनरहवा टोले के निवासी 2013 में प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत निर्मित इस मार्ग एवं बिच्छी नदी पर पुलिया निर्माण से फूले नही समा रहे थे,वही ग्रामीण गत 6 वर्षों से पूल के टूट जाने के कारण खून के अंशु रोने को विवश है। आलम यह है कि पिण्डारी,नगराज,मनरहवा टोले के ग्रामीण पहले म्योरपुर सीधा 15 किलो मीटर की दूरी तय कर पहुच जाते थे अब उन्हें सेवकामोड़ के रास्ते अतरिक्त 50 किलोमीटर दूरी तय कर जानी पड़ रही है नगराज,सतपेड़वा मनरहवा टोले में अब न तो एम्बुलेंस जा पा रही है न ही 100 नम्बर पुलिस गर्भवती महिलाएं जहाँ प्रसव पीड़ा से तड़पने को विवश होती है वही बच्चे विद्यालय जाने के लिये बॉस बल्ली के पूल पर से जान जोखिम में डाल गुजरने को विवश रहते है,श्रमिक मजदूरी करने नही जा पाते तथा तमाम विकास कार्य भी पूल के आभव में उक्त टोले तक नही पहुँच पाता ग्रामीण अपनी इस समस्या को सांसद विधायक,जिलापंचायत अध्यक्ष ,जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी तथा मुख्यमंत्री तक दर्जनों बार गुहार लगा चुके है तथा सरकारी दावों को छलावा करार देने लगे है।
उक्त ग्राम पंचायत के नगराज,सतपेड़वा ,एवं मनरहवा की आबादी लगभग 3 हजार की है अधिकांश अनु.जन जाती के लोग यहां निवास करते है ग्रामीण श्याम मनोहर,कैलाश,राम आशीष,बनवारी यादव,बृजनंदान, ने बताया कि बिच्छी नदी की समस्या राष्टीय स्तर पर मीडिया द्वारा कई बार उठाया गया ग्रामीणों ने पुलिया निर्माणकर्ता के विरुद्ध जांच एवं कार्यवाही की,बाउजूद इसके कुछ नही हुआ ग्राम प्रधान धीरेंद्र जायसवाल ने बताया कि बतौर ग्राम प्रधान एवं गांव के नागरिक के तौर पर मैने अब तक 14 बार तहसील दिवस जिलाधिकारी महोदय, मुख्यमंत्री को पत्र लिख हर सम्भव प्रयास किया है ताकि पूल का निर्माण हो सके बाउजूद इसके परिणाम शून्य है।ग्रामीणों ने कहा कि सरकार गरीबो अभावग्रस्तों की रहनुमा होने का दावा करती है जबकि हम अभवग्रस्तो की कही नही सुनी जा रही,ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पुल निर्माण कराये जाने की मांग की है।