माल ढुलाई में सेंट्रल रेलवे का शानदार प्रदर्शन, दो माह में 14.13 मिलियन टन माल लदान से 1442 करोड़ रुपये की कमाई

माल ढुलाई में सेंट्रल रेलवे का शानदार प्रदर्शन, दो माह में 14.13 मिलियन टन माल लदान से 1442 करोड़ रुपये की कमाई

मई में 7.41 मिलियन टन माल ढुलाई, कंटेनर और पेट्रोलियम उत्पादों की लोडिंग में उल्लेखनीय वृद्धि

मुंबई, 09 जून। सेंट्रल रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अप्रैल से मई 2026 के दौरान रेलवे ने 5,387 रेकों के माध्यम से 14.13 मिलियन टन माल का परिवहन कर 1,442.51 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 13.57 मिलियन टन माल लदान की तुलना में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस अवधि में पिछले वर्ष की तुलना में 340 अतिरिक्त रेकों का संचालन किया गया। कुल माल लदान में सबसे बड़ा योगदान नागपुर मंडल का रहा, जिसने 8.28 मिलियन टन (59 प्रतिशत) माल लदान किया। इसके बाद मुंबई मंडल ने 3.41 मिलियन टन (24 प्रतिशत), सोलापुर मंडल ने 1.25 मिलियन टन (9 प्रतिशत), भुसावल मंडल ने 0.88 मिलियन टन (6 प्रतिशत) और पुणे मंडल ने 0.31 मिलियन टन (2 प्रतिशत) माल लदान किया।

राजस्व के मामले में भी नागपुर मंडल शीर्ष पर रहा। कुल 1,442.51 करोड़ रुपये की आय में नागपुर मंडल का योगदान 862.81 करोड़ रुपये (60 प्रतिशत) रहा। मुंबई मंडल ने 320.54 करोड़ रुपये (22 प्रतिशत), भुसावल मंडल ने 106.10 करोड़ रुपये (7 प्रतिशत), सोलापुर मंडल ने 88.48 करोड़ रुपये (6 प्रतिशत) तथा पुणे मंडल ने 64.58 करोड़ रुपये (5 प्रतिशत) का राजस्व अर्जित किया।

मई माह में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन

मई 2026 में सेंट्रल रेलवे ने 2,806 रेकों के माध्यम से 7.41 मिलियन टन माल का परिवहन किया, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 2,571 रेकों में 7.00 मिलियन टन था। इस प्रकार माल लदान में लगभग 6 प्रतिशत तथा रेकों की संख्या में 235 की वृद्धि दर्ज की गई। मई माह में माल ढुलाई से 734.36 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

कई क्षेत्रों में बढ़ी माल ढुलाई

मई 2026 के दौरान कंटेनर लोडिंग 838 रेक तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 741 रेक थी। पेट्रोलियम उत्पादों की लोडिंग 243 रेक, आयरन एवं स्टील 142 रेक, आयरन ओर 114 रेक, उर्वरक 105 रेक, ऑटोमोबाइल 97 रेक तथा क्लिंकर 50 रेक तक पहुंच गया। फ्लाई ऐश की लोडिंग भी दोगुनी होकर 4 रेक दर्ज की गई।

नई पहल से माल परिवहन को मिलेगी गति

सेंट्रल रेलवे ने 31 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जेएनपीटी स्थित गेट टर्मिनल इंडिया (GTI) से गुजरात स्थित कॉनकॉर के गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (CGMV) तक पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (Dedicated Freight Corridor) के माध्यम से नियमित कंटेनर मालगाड़ी सेवा शुरू की। इससे तटीय बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच माल परिवहन और अधिक तेज एवं सुगम होगा।

उद्योग, कृषि और बुनियादी ढांचे को मिला सहारा

सेंट्रल रेलवे कोयला, पेट्रोलियम उत्पाद, आयरन एवं स्टील, लौह अयस्क, सीमेंट, उर्वरक, खाद्यान्न और ऑटोमोबाइल जैसे महत्वपूर्ण सामानों की निर्बाध ढुलाई सुनिश्चित कर रहा है। इससे उद्योगों, बिजलीघरों, निर्माण परियोजनाओं और कृषि क्षेत्र को समय पर आपूर्ति मिल रही है। रेलवे के माध्यम से ऑटोमोबाइल परिवहन से सड़क यातायात और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आ रही है।

यात्री और मालगाड़ियों का सफल संचालन

सेंट्रल रेलवे ने भारी माल ढुलाई के साथ-साथ विशाल यात्री नेटवर्क का संचालन भी सफलतापूर्वक किया। 1 अप्रैल से 31 मई 2026 के बीच रेलवे ने लगभग 34,700 मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर और विशेष ट्रेनों का संचालन किया, जबकि 1,08,900 उपनगरीय (लोकल) ट्रेन सेवाएं चलाईं। इस दौरान प्रतिदिन औसतन 2,355 ट्रेन सेवाओं का संचालन किया गया।

सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने कहा कि रेलवे उच्च क्षमता के साथ माल और यात्रियों दोनों के परिवहन को संतुलित करते हुए देश की आर्थिक प्रगति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।