प्रयागराज मंडल में डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा, अनारक्षित टिकटों की ऑनलाइन बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

प्रयागराज मंडल में डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा, अनारक्षित टिकटों की ऑनलाइन बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में डिजिटल भुगतान और कैशलेस टिकटिंग को बढ़ावा देने के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों में अनारक्षित टिकटों की डिजिटल माध्यम से बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (कोचिंग) हरि मोहन के निर्देशन में यात्रियों को आधुनिक एवं सुविधाजनक टिकटिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप मई 2026 तक अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) के माध्यम से डिजिटल भुगतान से टिकट खरीदने वाले यात्रियों की संख्या में 47.31 प्रतिशत तथा आय में 81.97 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में मई माह तक 14.64 लाख यात्रियों ने डिजिटल माध्यम से अनारक्षित टिकट खरीदे, जिससे रेलवे को 8.78 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई। जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में 9.94 लाख यात्रियों ने डिजिटल टिकट खरीदे थे और आय 4.83 करोड़ रुपये रही थी।

मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट बुकिंग में भी तेजी देखी गई है। अप्रैल और मई 2026 के दौरान मोबाइल ऐप से टिकट लेने वाले यात्रियों की संख्या में 17.97 प्रतिशत तथा आय में 35.20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं यूटीएस काउंटरों पर क्यूआर कोड और यूपीआई आधारित भुगतान से प्राप्त आय में 106.48 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्टेशन परिसरों में क्यूआर कोड भुगतान सुविधा का विस्तार, यात्रियों को डिजिटल भुगतान के प्रति जागरूक करने और यूटीएस मोबाइल ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार से कैशलेस टिकटिंग को बढ़ावा मिला है। इससे यात्रियों को टिकट खरीदने में आसानी हो रही है और नकद लेन-देन पर निर्भरता लगातार कम हो रही है।

प्रयागराज मंडल ने कहा है कि यात्रियों को आधुनिक, पारदर्शी और सुविधाजनक टिकटिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भविष्य में भी डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने संबंधी पहलें जारी रहेंगी।