ग्राम पंचायत विकास योजना से गांवों के समग्र विकास को मिलेगा नया आयाम समाजशास्त्र विभाग लखनऊ के अधिकारियों के निर्देशन में हुई बैठक।

बहराइच। शासन की महत्वाकांक्षी योजना ?ग्राम पंचायत विकास योजना (जी.पी.डी.पी.) ? हमारी योजना, हमारा विकास? के तहत विकासखंड मिहिपुरवा के ग्राम पंचायत उर्रा में विशेष बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया गया। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय प्रशिक्षक दीपेश कुमार राय तथा समाज कल्याण विभाग लखनऊ से आए जितेंद्र प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को योजना के उद्देश्यों और इसकी कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि जी.पी.डी.पी. का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों को सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत विकास की दिशा में सशक्त बनाना है, ताकि ग्रामीण स्वयं अपने गांव के विकास संबंधी निर्णय लेने में सक्षम हो सकें। योजना के माध्यम से विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि ग्राम पंचायत विकास योजना सहभागी नियोजन पर आधारित है, जिसमें ग्राम सभा की खुली बैठकों के जरिए ग्रामीणों की आवश्यकताओं और समस्याओं की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। इसके बाद विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं संसाधनों के अभिसरण से वार्षिक एवं पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार की जाती है।पंचायत सचिव अर्जुन सोनकर ने योजना निर्माण की पांच प्रमुख अवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें वातावरण निर्माण, पारिस्थितिकीय विश्लेषण, समस्याओं की पहचान एवं प्राथमिकता निर्धारण, संसाधनों का निर्धारण एवं ड्राफ्ट प्लान तैयार करना तथा तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति शामिल है।उन्होंने बताया कि तैयार कार्ययोजनाओं को भारत सरकार के ?प्लान-प्लस? सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जाता है तथा कार्यों के क्रियान्वयन और प्रगति की निगरानी ?एक्शन सॉफ्ट? के माध्यम से की जाती है। ग्राम सभा से अनुमोदन मिलने के बाद कार्यों का क्रियान्वयन अनिवार्य रूप से कराया जाता है।बैठक में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं वंचित वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही ग्रामीणों को अधिक से अधिक सहभागिता कर अपने गांव के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।इस अवसर पर ग्राम प्रधान शाइस्ता खान, पंचायत सचिव अर्जुन, प्रधान प्रतिनिधि फिरोज खान, रोजगार सेवक अनीता आर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।