आठवें जन्मदिन पर युग शर्मा ने बांटी खुशियां, गरीब बच्चों को चप्पलें वितरित कर दिया मानवता का संदेश


चित्तौड़गढ़। आज के समय में जहां जन्मदिन पार्टियों और दिखावे के बीच मनाए जाते हैं, वहीं आठ वर्षीय युग शर्मा ने अपने जन्मदिन को सेवा और संवेदनशीलता के साथ मनाकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। युग ने अपने आठवें जन्मदिन पर अपने पिता पवन शर्मा के साथ जरूरतमंद बच्चों को चप्पलें वितरित कर मानवता और सामाजिक सरोकार का संदेश दिया।
भीषण गर्मी और तपती धूप में नंगे पैर चलने को मजबूर गरीब बच्चों को चप्पलें पहनाकर युग ने अपनी खुशियां उनके साथ साझा कीं। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ने जन्मदिन के इस आयोजन को विशेष बना दिया।
इस अवसर पर पिता पवन शर्मा ने अपने बेटे को जीवन की सबसे बड़ी सीख देते हुए कहा, ?बेटा, सेवा करना सीखो, क्योंकि बड़ा आदमी बनना आसान है, लेकिन अच्छा इंसान बनना सबसे बड़ी बात होती है। इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद ही जीवन की सच्ची सफलता है।?
पवन शर्मा ने युग को समझाया कि जन्मदिन केवल केक काटने और उत्सव मनाने का अवसर नहीं होता, बल्कि समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों के जीवन में खुशियां बांटने का भी दिन होता है। पिता की इस सीख को युग ने पूरे उत्साह और संवेदनशीलता के साथ अपनाते हुए गरीब बच्चों को चप्पलें वितरित कीं।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में बच्चों को ऐसे संस्कार देना अत्यंत आवश्यक है। युग शर्मा का यह आठवां जन्मदिन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा बन गया, जिसने यह संदेश दिया कि सच्ची खुशी दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने में ही है।
"जन्मदिन का सबसे सुंदर उपहार वही है, जो किसी जरूरतमंद के जीवन में राहत और खुशी लेकर आए।"