एक शिक्षक ऐसा भी..... कडाके की भीषण सर्द में शिक्षक ने समझा बच्चों का दर्द

हिण्डौन सिटी-आज के समय में जब शिक्षा को केवल एक औपचारिक दायित्व समझा जाने लगा है,ऐसे में हिंडोंन क्षेत्र के बमनपुरा गाँव में कार्यरत शिक्षक शुभम शेरवाल जैसे लोग शिक्षक शब्द को उसका वास्तविक अर्थ देते हैं।
एक विशेष कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने अपने विद्यालय के लगभग 180 विद्यार्थियों को गर्म कपड़े व जूते वितरित किए, ताकि ठंड बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बने।
इतना ही नहीं, छुट्टियों के दिनों में भी नियमित बच्चों को पढ़ाकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि सच्चा शिक्षक समय नहीं, कर्तव्य और संवेदना देखता है। यह कार्यक्रम केवल सामग्री वितरण नहीं,बल्कि बच्चों के प्रति गहरी जिम्मेदारी और समर्पण का प्रतीक रहा।
इस अवसर पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्रीमान दयाल सिंह सोलंकी, सेवानिवृत्त अध्यापक विजय सिंह जी,गिरदावर कोमल चौधरी,अध्यापक पिंटू चौधरी,पवन बैनीवाल एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। दयाल सिंह जी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बताया और कहा कि ऐसे शिक्षक यह सिखाते हैं कि यदि एक शिक्षक ठान ले, तो वह न केवल बच्चों का भविष्य संवार सकता है, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे सकता है।
वास्तव में, एक शिक्षक ऐसा भी ? जो शिक्षा को सेवा और संस्कार बना देता है।अध्यापक शुभम शेरवाल समय समय पर ग्रामवासियों की बैठक बुलाकर उन्हें शिक्षा के प्रति मोटिवेट भी करते हैं उनके सोशल मीडिया पर हजारों की तादाद में फॉलोअर भी हैं।