जम्मू। हिमालय में एक नया अध्याय : उत्तर रेलवे का जम्मू मंडल अपनी नई उपलब्धियों की राह पर अग्रसर; सीनियर डीसीएम उचित सिंघल,,,,,,..

जम्मू। हिमालय में एक नया अध्याय : उत्तर रेलवे का जम्मू मंडल अपनी नई उपलब्धियों की राह पर अग्रसर

भारत का 70व़ा रेल मंडल, जिसका आधिकारिक तौर पर 6 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित और उद्घाटन किया गया था | जो साल 2025 में महत्वपूर्ण विकास का प्रतिक बना | उत्तर रेलवे के नए जम्मू मंडल की स्थापना से कश्मीर घाटी देश के अन्य भागो से जुड़ा और जम्मू कश्मीर के लोगों में बदलाव और उम्मीद की किरण जागी| साल 2025 में जम्मू मंडल ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों के साथ कनेक्टिविटी में अद्भुत विस्तार किया, जिसमें उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक का उद्घाटन, प्रतिष्ठित चिनाब और अंजी पुलों का राष्ट्र को समर्पण, वंदे भारत ट्रेनों का संचालन, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, सेब और सीमेंट जैसे माल ढुलाई में वृद्धि, और आर्थिक विकास को गति देना शामिल है, जिससे जम्मू-कश्मीर के लिए एक नए युग की शुरुआत हो रही है। जो जम्मू और कश्मीर को जोड़ने और क्षेत्र के लोगों के जीवन को बदलने के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रहा हैं |

प्रमुख उपलब्धियां:

ऐतिहासिक मील के पत्थर

उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL): 6 जून, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस महत्वपूर्ण रेल लिंक का उद्घाटन किया गया, जिससे कश्मीर घाटी पूरे वर्ष देश के बाकी हिस्सों से जुड़ गई है।

चिनाब और अंजी रेल पुल: प्रतिष्ठित चिनाब और अंजी रेल पुल, इंजीनियरिंग के चमत्कार, राष्ट्र को समर्पित किए गए, जो इस परियोजना की तकनीकी उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।

वंदे भारत ट्रेनें घाटी तक

श्री माता वैष्णो देवी-श्रीनगर वंदे भारत: यह सेवा लॉन्च के बाद से 3.75 लाख से अधिक यात्रियों को सुविधा प्रदान कर चुकी है, जिससे यात्रा आसान और तेज हुई है।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

कटरा-अमृतसर मार्ग: कटरा और अमृतसर के बीच की यह रेल लाइन आध्यात्मिक कनेक्टिविटी को मजबूत करती है, जिससे भक्तों की यात्रा सुगम होती है।

अर्थव्यवस्था को गति देना

माल ढुलाई में वृद्धि: 20,000+ टन सेब और 1.5 लाख टन सीमेंट का परिवहन किया गया, जिससे किसानों और उद्योगों को लाभ हुआ।

अनंतनाग गुड्स शेड: अनंतनाग गुड्स शेड 1.5 लाख टन सीमेंट को संभालने में सक्षम है, जिससे लॉजिस्टिक्स में सुधार हुआ है।

नए उत्पाद: पहली बार ऑटो और खाद्यान्न के रैक घाटी पहुंचे, और चेरी (शहतूत) कश्मीर से बांद्रा तक भेजी गईं, जो लॉजिस्टिक्स में एक बड़ी उपलब्धि है।

राजस्व और सतर्कता

राजस्व संग्रह: नए गैर-किराया राजस्व अनुबंधों से ₹94+ करोड़ सुरक्षित किए गए।

टिकट जांच: टिकट चेकिंग अभियानों से 63,000+ मामलों में ₹3.72 करोड़ वसूल किए गए।

हमेशा ड्यूटी पर

समर्पित कर्मचारी: समर्पित रेलवे कर्मचारी 24x7 उपलब्ध हैं, जो रिकॉर्ड यात्रा और क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित कर रहे हैं।

जम्मू मंडल के एक साल पुरे होने पर, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक,उचित सिंघल ने बताया, ? कि साल 2025 जम्मू मंडल के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, और आरामदायक यात्रा के लिए रेलवे द्वारा हर संभव प्रयास किए गए | इन्ही प्रयासों के साथ जम्मू मंडल उत्कृष्टता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, और यह नया अध्याय कश्मीर के लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और समृद्धि ला रहा है। नए साल 2026 में जम्मू मंडल नई परियोजनाओ के साथ दूसरा अध्याय लिखेगा |

उचित सिंघल वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जम्मू मंडल